विश्व इस्लामी जागरूकता परिषद के जनरल सिक्रेटरी ने कहा इस्लामी जागरूकता का जो नक़ली चेहरा पश्चिमी मुल्कों ने सीरिया में चलाना चाहा है वह इस देश में बिल्कुल कामयाब नहीं होगा।शिया आनलाइन न्यूज़ एजेन्सी ने सेंट्रल ब्यूरो के हवाले से ख़बर दी कि डाक्टर विलायती ने जो ह़ौज़ए इल्मिया और यूनिवर्सिटीज़ के स्ट्राटेजिक रोल नामक नेशनल कांफ़्रेंस के सिक्रेटरी हैं अपने इंटरव्यू में कहा कि सीरिया के लोग पश्चिमी मुल्कों की चाल को बहुत जल्दी समझ गये और अपने रास्ते को उनसे अलग कर लिया।ईरान के सुप्रीम लीडर के इंटर-नेशनल सलाहकार ने कहा पश्चिमी देश जब सीरिया के लोगों से निराश हो गये तो विदेशी हथियारबंद लोगों की जो अलक़ाएदा अरब और दूसरे मुल्कों से सम्बंधित हैं इस देश में घुसपैढ़ कराई ताकि अपने मज़दूरों के हथियारों द्वारा सीरिया की ह़ुकूमत को गिरा दें और वहाँ के लोगों को उनके सामने ला खड़ा करें।डाक्टर विलायती ने कहा कि आज की दुनिया दूसरी वर्ल्ड वार के बाद की दुनिया नहीं है और उन्होंने कहा यह दो ध्रुवीय दुनिया ने हालांकि आधी शताब्दी तक राज किया लेकिन अन्दर से खोखली हो चुकी थी और एक के बाद एक उसके तत्व कमज़ोर हुए हैं।ईरानी सुप्रीम लीडर के इंटर-नेशनल सलाहकार ने बग़ावत, बेकारी, मुद्रास्फ़ीति में गिरावट लोगों की ख़रीदारी की क्षमता में कमी, ग़रीबी में बढ़ावा और कैपेटालिस्म की मौजूदा हालात में नाकामी को दुनिया की अनिश्चितता की निशानी बताया।डाक्टर विलायती ने ईरान की इस्लामी इंक़ेलाब के मौजूदा हालात के बारे में इशारा किया और कहा इस्लामी इंक़ेलाब के 34 साल गुज़रने के बाद भी इस्लामी इंक़ेलाब की स्थिरता में कोई कमी नहीं आई बल्कि तरक़्क़ी की ओर अग्रसर है।उन्होने कहा की इस्लामी देशों के मुसलमान अपनी पुरानी बादशाहत के ख़त्म होने और इस्लामी तरक़्क़ी के गवाह हैं और जब उन्होनें देखा कि कम्यूनिस्ट कल्चर और लिब्रेल पालीसियां तरक़्क़ी की राह में नाकाम हैं तो उन्होने ईरान को अपने लिए आदर्श के तौर पर चुना।ईरानी सुप्रीम लीडर के इंटर-नेशनल सलाहकार ने कहा इस्लामी मुल्कों के लोग युनीवर्सिटी से पहले मैदान में आगे आये और अब इस देश के विद्धानों की बारी है कि वह मैदान में आयें और इस इस्लामी जागरूकता के आदर्शों को मौजूदा हालात के अनुसार लोगों को बतायें और उनकी मदद करें।डाक्टर विलायती ने विश्वविधालियों और इस्लामी दुनिया के ह़ौज़ाते इल्मिया के बीच विचारों के आदान प्रदान और इस्लामी मुल्कों के मौजूदा हालात पर अपने विचार व्यक्त करने को ज़रूरी बताया।
19 फ़रवरी 2013 - 20:30
समाचार कोड: 392882
विश्व इस्लामी जागरूकता परिषद के जनरल सिक्रेटरी ने कहा इस्लामी जागरूकता का जो नक़ली चेहरा पश्चिमी मुल्कों ने सीरिया में चलाना चाहा है वह इस देश में बिल्कुल कामयाब नहीं होगा.....